कोटद्वार: पारिवारिक विवाद में हुई हत्या पर अदालत का बड़ा फैसला
कोटद्वार। पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार क्षेत्र में छोटे भाई की हत्या के मामले में अदालत ने बड़े भाई को दोषी ठहराते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह निर्णय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कोटद्वार रीना नेगी की अदालत ने सुनाया। मामला यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम पंचूर ठांगर में वर्ष 2024 में हुई हत्या की घटना से संबंधित है।
बछिया को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतक की माता प्रभा देवी पत्नी मानवेंद्र मोहन ने यमकेश्वर थाने में तहरीर देकर बताया था कि 7 नवंबर 2024 को शाम लगभग 5:45 बजे उनके बड़े पुत्र रविंद्र मोहन और छोटे पुत्र राजेश मोहन के बीच बछिया को लेकर विवाद हो गया था।
विवाद के दौरान आरोपी रविंद्र मोहन ने गुस्से में आकर मोटे डंडे से छोटे भाई के सिर पर पांच से छह बार वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण राजेश मोहन की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय आरोपी ने अपनी मां को भी धमकी दी थी।
पुलिस ने मौके से ही आरोपी को किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलने पर यमकेश्वर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
13 गवाहों की गवाही के आधार पर दोष सिद्ध
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत ने प्रभावी पैरवी की। अदालत में मृतक की माता सहित कुल 13 गवाह प्रस्तुत किए गए।
दोनों पक्षों की दलीलों और दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
फैसले से मिला न्याय, क्षेत्र में रही चर्चा
अदालत के इस फैसले को गंभीर अपराधों के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। मामूली विवाद के चलते हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया था, वहीं अब न्यायालय के निर्णय से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।