कोटद्वार में नाम को लेकर उत्पन्न हुए विवाद और धार्मिक उन्माद की आशंका के बीच पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को आजाद समाज पार्टी (आसपा) उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह के काफिले को उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश सीमा पर रोक दिया गया। महक सिंह अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दीपक कुमार से मिलने के लिए कोटद्वार आ रहे थे।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश सीमा से लगे कौड़िया चेकपोस्ट पर कड़ी जांच के दौरान काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर मौजूद एएसपी चंद्रमोहन सिंह समेत पौड़ी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह की बातचीत हुई। अधिकारियों ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए दीपक कुमार से सीमित और सामान्य बातचीत कर वापस लौटने का सुझाव दिया। लंबी चर्चा के बाद प्रशासन ने केवल प्रदेश अध्यक्ष के वाहन को ही कोटद्वार में प्रवेश की अनुमति दी, जबकि काफिले में शामिल अन्य वाहनों को सीमा पर ही रोक दिया गया।
कौड़िया चेकपोस्ट पर रोके गए लोगों में भीम आर्मी के जिला प्रभारी एवं पूर्व प्रधान साबुद्दीन, उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत रानीपुर नंगला के ग्राम प्रधान व आजाद समाज पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सुखवीर हल्दिया, आसपा युवा मोर्चा के जिला प्रभारी शादमान शेख और नजीबाबाद निवासी पार्टी कार्यकर्ता अयाज अंसारी शामिल रहे।
इधर, महक सिंह के कोटद्वार पहुंचने की सूचना मिलते ही शहर से बड़ी संख्या में युवक दीपक कुमार के जिम पर एकत्र हो गए। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने धर्म और जाति से ऊपर उठकर इंसानियत और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। दीपक कुमार से मुलाकात के दौरान वीडियो कॉल के माध्यम से आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के नगीना संसदीय क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद से भी सीधी बातचीत कराई गई। सांसद ने बताया कि वे गुरुवार को दीपक से मिलने आने वाले थे, लेकिन अपरिहार्य कारणों से उनका कार्यक्रम रद्द हो गया।
सीमाओं पर कड़ा पहरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पौड़ी पुलिस प्रशासन ने उत्तर प्रदेश से जुड़ी सीमाओं पर निगरानी और सख्त कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी तरह से माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।