उत्तराखंड के कोटद्वार में दुकान के नाम को लेकर हुए ‘बाबा’ विवाद के बाद चर्चा में आए दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को अब जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने दीपक की हत्या करने वाले को दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना 26 जनवरी की बताई जा रही है, जब पटेल मार्ग स्थित एक रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान का नाम बदलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। विवाद को शांत कराने के लिए मौके पर पहुंचे दीपक कुमार ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताकर बीच-बचाव किया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं में आ गया। विपक्षी दलों ने दीपक की भूमिका की सराहना की, वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सामने आए।
हालांकि, सोशल मीडिया पर मिल रही इसी पहचान और लोकप्रियता के बीच अब दीपक कुमार को धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कोटद्वार कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी हत्या के लिए दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। शिकायत के बाद एसएसपी पौड़ी के निर्देश पर पुलिस ने जांच की, जिसमें आरोपी की पहचान राजा उत्कर्ष, निवासी मोतिहारी (बिहार) के रूप में हुई है। पौड़ी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बिहार पुलिस से संपर्क करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोटद्वार कोतवाली प्रभारी ने बताया कि धमकी भले ही सोशल मीडिया के जरिए दी गई हो, लेकिन इसे गंभीरता से लिया गया है। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मद्देनजर मामले की गहन जांच की जा रही है।
जिम में तोड़फोड़ का आरोप
इसी प्रकरण से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। जमीअत के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने कहा कि दीपक कुमार ने हिंसा का विरोध कर मानवीय और संवैधानिक जिम्मेदारी निभाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। आरोप है कि 31 जनवरी को देहरादून और हरिद्वार से आए कुछ लोगों ने कोटद्वार पहुंचकर दीपक कुमार के जिम में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया।
जमीअत ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हिंसा के खिलाफ खड़े होकर सामाजिक सौहार्द और इंसानियत का परिचय देने वाले व्यक्ति को निशाना बनाया जाना चिंता का विषय है। संगठन के उपाध्यक्ष मुफ्ती रईस अहमद कासमी ने डीजीपी से मांग की है कि कोटद्वार में तोड़फोड़ के प्रयास में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।