नई दिल्ली।
रंगों का पर्व होली अब केवल भारत का पारंपरिक त्योहार नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर आनंद, भाईचारे और एकता का प्रतीक बन चुका है। भारत में होली को प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता का पर्व माना जाता है। रंग-गुलाल के बिना इस उत्सव की कल्पना अधूरी है। यही वजह है कि रंगों से जुड़े उत्सव अब दुनिया के 40 से अधिक देशों में अलग-अलग रूपों में मनाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही विभिन्न देशों में त्योहारों की ऐतिहासिक और धार्मिक पृष्ठभूमि अलग हो, लेकिन रंगों के माध्यम से जश्न मनाने की परंपरा लोगों को एक सूत्र में पिरोती है। इन आयोजनों का उद्देश्य कहीं नववर्ष का स्वागत है, कहीं ऐतिहासिक स्मृति का सम्मान, तो कहीं केवल मनोरंजन और खेल के जरिए सामूहिक उत्सव मनाना है।
थाईलैंड में सोंगक्रान की धूम
Thailand में नववर्ष के अवसर पर मनाया जाने वाला Songkran त्योहार होली की तरह ही रंग और पानी के साथ मनाया जाता है। इसे वाटर फेस्टिवल भी कहा जाता है। इस दौरान लोग एक-दूसरे पर पानी डालते हैं और सड़कों पर उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के साथ आधुनिक उल्लास का यह अनूठा संगम देखने को मिलता है।
लंदन में ‘द कलर रन’
London में आयोजित होने वाला The Color Run रंगों के साथ जश्न मनाने का एक अनोखा उदाहरण है। इस कार्यक्रम में प्रतिभागी सफेद वस्त्र पहनकर दौड़ते हैं और हर चरण पर उन पर रंग डाला जाता है। अंत में सामूहिक रूप से रंगों के बीच उत्सव मनाया जाता है।
स्पेन और इटली की परंपराएं
Spain के बुन्योल शहर में आयोजित La Tomatina विश्व प्रसिद्ध है। इसमें लोग एक-दूसरे पर टमाटर फेंककर उत्सव मनाते हैं। यह आयोजन होली की तरह ही सामूहिक भागीदारी और उत्साह से भरा होता है।
वहीं Italy के इव्रिया शहर में मनाया जाने वाला Battle of the Oranges 1808 से चली आ रही परंपरा है, जिसमें संतरे फेंककर ऐतिहासिक घटना को याद किया जाता है।
दक्षिण कोरिया का मड फेस्टिवल
South Korea में आयोजित Boryeong Mud Festival भी रंगों की तरह सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। यहां लोग कीचड़ से खेलते हैं और समुद्र तट पर कई सांस्कृतिक व खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
40 से अधिक देशों में होली की लोकप्रियता
भारत के अलावा Nepal, United States, Australia, United Kingdom, France, Germany, Brazil, Chile, Peru, Turkey, New Zealand और Argentina सहित 40 से अधिक देशों में होली या होली जैसे रंगों के उत्सव आयोजित किए जाते हैं।
इसके अतिरिक्त Mauritius, Trinidad and Tobago और Fiji जैसे देशों में भारतीय मूल के लोगों के कारण यह पर्व विशेष रूप से लोकप्रिय है।
रंगों के माध्यम से वैश्विक एकता
विशेषज्ञों का मानना है कि रंगों के ये उत्सव सांस्कृतिक विविधता के बीच एकता का सेतु बनते हैं। परंपराएं भले अलग हों, लेकिन खुशी, मेलजोल और सामूहिक उत्साह की भावना हर देश में समान रूप से दिखाई देती है।
होलि 2026 के अवसर पर यह एक बार फिर साबित हुआ है कि रंग केवल उत्सव का हिस्सा नहीं, बल्कि वैश्विक सौहार्द और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक भी हैं।