हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के श्यामपुर कांगड़ी क्षेत्र स्थित आर्यनगर में आयोजित ‘मुख्य सेवक जन चौपाल’ कार्यक्रम में पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने जनता की समस्याएं विस्तार से सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान समय पर और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
17 दिसंबर 2025 से चल रहा अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इस अभियान के तहत प्रदेशभर में जनसुनवाई और सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अब तक पांच लाख से अधिक लोग इस पहल से लाभान्वित हो चुके हैं। बड़ी संख्या में शिकायतों का समाधान मौके पर ही किया गया है, जबकि अन्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को भेजकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
चारधाम यात्रा और कुंभ की तैयारियों पर सरकार गंभीर
जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके साथ ही वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेला को लेकर भी सरकार पूरी तरह गंभीर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है और यातायात, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और उत्तराखंड को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं विकासशील राज्य के रूप में आगे बढ़ाना है।