Dehradun: ऑनलाइन गेमिंग में लत से युवक ने पिता के 1.77 करोड़ रुपये गंवाए, साइबर पुलिस ने मामला दर्ज किया

देहरादून: झबरेड़ा, हरिद्वार का एक मामला ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत और साइबर ठगी की हदें दिखाता है। 18 वर्षीय अभिमन्यु पुत्र ओमकार ने पिता को मुआवजे में मिली 1.77 करोड़ रुपये की रकम ऑनलाइन गेमिंग के झांसे में ठगों के हवाले कर दी।

पीड़ित ने इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गेमिंग एप से शुरू हुई लत

अभिमन्यु ने बताया कि उसने जनवरी 2025 में प्ले स्टोर से स्पोर्ट्स बाज्जी, प्रोबू और ड्रीम 11 एप डाउनलोड कर ऑनलाइन गेम खेलना शुरू किया। शुरू में सामान्य गेमिंग के तौर पर शुरू हुआ यह शौक जल्दी ही लत में बदल गया।

यूट्यूब विज्ञापन और अंतरराष्ट्रीय नंबर

जून 2025 में उसने यूट्यूब पर विनअड्डा नामक गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन देखा। इसके बाद उसके व्हाट्सएप पर कई अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लिंक भेजे गए। इन लिंक के जरिए उसे गेम खेलने और पैसे निवेश करने के लिए लगातार प्रेरित किया गया।

शुरुआत में आरोपियों ने उसे कुछ लाभ दिखाकर विश्वास हासिल किया।

करोड़ों रुपये ट्रांसफर

अभिमन्यु ने बताया कि जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच उसने अपने और अपने पिता के विभिन्न बैंक खातों से यूपीआई के जरिए कुल 1 करोड़ 77 लाख 53 हजार 960 रुपये ट्रांसफर किए।

यह रकम उसके पिता को मुआवजे के तौर पर मिली थी।

पैसे निकालने पर खुली पोल

जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और और ज्यादा जमा कराने का दबाव बनाने लगे।

साइबर पुलिस कर रही जांच

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि फर्जी गेमिंग एप और वेबसाइट के जरिए युवक को धोखा दिया गया। साइबर पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और डिजिटल ट्रांजैक्शन और अंतरराष्ट्रीय नंबरों के जरिए आरोपियों की पहचान की कोशिश कर रही है।

पुलिस ने लोगों से चेतावनी दी है कि ऑनलाइन गेमिंग और निवेश से जुड़े अनजान लिंक और एप पर भरोसा न करें। संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। 🚨

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