बजट सत्र के बाद कांग्रेस का हमला, गैरसैंण में लोकतांत्रिक परंपराओं के उल्लंघन का लगाया आरोप

देहरादून। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में संपन्न हुए बजट सत्र के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी नेताओं ने सरकार पर संसदीय परंपराओं के उल्लंघन और महत्वपूर्ण मुद्दों से बचने का आरोप लगाया।

प्रेसवार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि गैरसैंण में हुए बजट सत्र के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही बजट पेश करना स्थापित संसदीय परंपराओं के विपरीत है। उनका कहना था कि परंपरा के अनुसार पहले राज्यपाल का अभिभाषण होता है और उसके बाद बजट पेश किया जाता है, लेकिन इस बार सरकार ने इस व्यवस्था का पालन नहीं किया।

नेता प्रतिपक्ष ने बजट चर्चा के दौरान सदन में मंत्रियों और सत्तारूढ़ भाजपा विधायकों की कम उपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब राज्य के बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही थी, उस समय कई मंत्री और विधायक सदन में मौजूद नहीं थे, जो जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है।

कांग्रेस ने सरकार पर सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी का भी आरोप लगाया। विपक्ष के अनुसार विकासनगर, मसूरी और यमुना कॉलोनी में सरकारी तथा सिंचाई विभाग की कीमती जमीनों को निजी संस्थाओं को देने की योजना बनाई जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो यह राज्यहित के खिलाफ होगा।

इसके साथ ही विपक्ष ने राज्य के बजट और बढ़ते कर्ज को लेकर भी चिंता जताई। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जबकि राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़कर लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में गंभीर चर्चा नहीं होने दी और केवल अपना एजेंडा चलाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगती रहेगी और जरूरत पड़ने पर जनता के बीच भी इन विषयों को उठाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *