उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। टीएचडीसी (THDC) की विष्णुगाड–पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना के तहत निर्माणाधीन सुरंग के भीतर मजदूरों को लाने-ले जाने के लिए चल रही दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं। हादसे में करीब 60 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हो गए, जिससे सुरंग के अंदर अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, अलकनंदा नदी पर 444 मेगावाट क्षमता की विष्णुगाड–पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना के अंतर्गत लगभग 13 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। सुरंग के भीतर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए खुदाई का काम जारी था और भारी मशीनों के साथ लोको ट्रेनों का उपयोग मजदूरों और कर्मचारियों के आवागमन के लिए किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि रात करीब साढ़े नौ बजे शिफ्ट परिवर्तन के दौरान मजदूरों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जा रही दो लोको ट्रेनें अचानक नियंत्रण खो बैठीं और आपस में टकरा गईं। उस समय सुरंग के अंदर 100 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर मौजूद थे। टक्कर के बाद कई मजदूर घायल हो गए, जिसके चलते एहतियातन सुरंग में चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया गया।
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों को सभी घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे में लगभग 60 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 42 घायलों का उपचार जिला अस्पताल गोपेश्वर में किया जा रहा है, जबकि 17 घायल मजदूरों को विवेकानंद अस्पताल पीपलकोटी में भर्ती कराया गया है। अन्य घायलों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और वे चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
प्रशासन ने घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही सुरंग के भीतर सुरक्षा मानकों, मशीनों के संचालन और लोको ट्रेन व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।