चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ है। बद्रीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाली मध्य पिंडर रेंज के जंगलों में लगी आग ने अब तक 20 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र को अपनी चपेट में लेकर राख कर दिया है। आग के तेजी से फैलने के कारण आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार चेपड़ों और सौगांव गांवों के जंगलों में लगी आग तेजी से फैलते हुए खाड़ीबगड़, सौगांव जूनिधार और गोठिंडा के वन क्षेत्रों तक पहुंच गई है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी लपटें कई स्थानों पर करीब 50 मीटर तक ऊपर उठती दिखाई दे रही हैं।
गौशालाओं तक पहुंची आग
आग का दायरा बढ़ने के साथ ही चेपड़ों गांव की कई गौशालाएं भी इसकी चपेट में आ गई हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। आग की लपटें ऊपर की ओर बढ़ते हुए जूनिधार गांव की दिशा में भी पहुंच रही हैं, जिससे ग्रामीण आबादी के लिए खतरा बढ़ गया है।
दुर्गम भूभाग बना बड़ी चुनौती
वन विभाग और अग्निशमन विभाग की टीमें आग बुझाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन खड़ी चट्टानों, घने चीड़ के जंगलों और सूखे पत्तों के कारण आग पर काबू पाना काफी मुश्किल साबित हो रहा है।
वन क्षेत्राधिकारी मनोज देवराड़ी के अनुसार विभाग की टीमें पूरी रात आग बुझाने में जुटी रहीं, लेकिन दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और आग की तीव्रता के कारण स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। रात के समय गिरते पत्थर और जलते पेड़ भी बचाव कार्य में बाधा बन रहे हैं।
हाईवे और वन्यजीवों पर भी खतरा
आग के कारण जलते हुए पेड़ और पत्थर स्टेट हाईवे थराली–देवाल मोटर मार्ग पर भी गिर रहे हैं, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों और राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
इसके अलावा जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों के लिए भी यह आग बड़ा संकट बन गई है। बड़ी संख्या में पेड़-पौधे जल चुके हैं, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण और पारिस्थितिकी संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग की टीमें फिलहाल आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।