देहरादून/श्रीनगर। चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व गुरुवार से पूरे उत्तराखंड में श्रद्धा और उत्साह के साथ शुरू हो गया। नवरात्रि के पहले दिन प्रदेश के विभिन्न माता मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर माता के दर्शन कर रहे हैं और पूरे क्षेत्र में जय माता दी के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
नवरात्रि के पहले दिन देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है, जो सुख-समृद्धि, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक है।
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। इसी तिथि से नौ दिनों तक चलने वाले चैत्र नवरात्रि पर्व की शुरुआत होती है। इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन पालकी पर माना जा रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से शुभ संकेत माना जाता है।
धारी देवी मंदिर में सुबह से उमड़ी आस्था
श्रीनगर स्थित अलकनंदा नदी के तट पर बने प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर में भी नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यह मंदिर प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि मां धारी देवी उत्तराखंड के चारधाम की रक्षक देवी हैं और उनकी कृपा से चारधाम यात्रा सुरक्षित व सफल होती है।
नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर माता के दर्शन कर रहे हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर में भी उमड़ी भीड़
हरिद्वार स्थित मनसा देवी और चंडी देवी मंदिरों में भी नवरात्रि के पहले दिन भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर माता के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे शुरू होगी और 20 मार्च को सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। वहीं कलश स्थापना के लिए 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक का समय शुभ मुहूर्त माना गया है।
नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में श्रद्धालु व्रत रखकर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिरों में भजन-कीर्तन, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहता है।