जनगणना में तकनीक का इस्तेमाल: गूगल मैप से तय होंगी गली-मोहल्लों की सीमाएं, जियो टैगिंग से होगी मकान गणना

देहरादून। आगामी जनगणना को लेकर उत्तराखंड में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जनगणना के पहले चरण में होने वाले मकान सूचीकरण और भवन गणना के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा। गली-मोहल्लों की सीमाएं तय करने के लिए गूगल मैप की मदद ली जाएगी और प्रत्येक प्रगणक को दिए गए क्षेत्र की जियो टैगिंग की जाएगी, ताकि गणना कार्य अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके।

जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि भवन गणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले डिजिटल नक्शे पर गली-मोहल्लों का चिन्हांकन किया जाएगा। इसके बाद प्रगणकों को उनके कार्यक्षेत्र की सीमाएं निर्धारित करनी होंगी। तय सीमाओं के आधार पर ही वे घर-घर जाकर मकानों और परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे।

पांच हिस्सों में बांटे गए जनगणना के सवाल

भवन गणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों को पांच प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें कंडीशन ऑफ हाउस (मकान की स्थिति), हाउसहोल्ड इंफॉर्मेशन (परिवार से जुड़ी जानकारी), एमेनिटीज अवेलेबल इन हाउस (घर में उपलब्ध सुविधाएं), एसेट्स (संपत्ति से संबंधित जानकारी) और अन्य विवरण शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं के आधार पर मकानों और परिवारों का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा।

24 प्रधान जनगणना अधिकारी संभालेंगे जिम्मेदारी

राज्य में जनगणना कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी 13 जिलों के जिलाधिकारी और 11 नगर निगमों के नगर आयुक्त को प्रधान जनगणना अधिकारी बनाया गया है। इस तरह कुल 24 प्रधान जनगणना अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी करेंगे।

30 हजार से अधिक कर्मचारी होंगे तैनात

जनगणना कार्य के लिए प्रदेशभर में बड़ी संख्या में सुपरवाइजर और प्रगणकों की तैनाती की गई है। जिलों में अल्मोड़ा में 1723, बागेश्वर में 871, चमोली में 1203, चंपावत में 830, देहरादून में 2675, पौड़ी गढ़वाल में 2290, हरिद्वार में 4045, नैनीताल में 1912, पिथौरागढ़ में 1514, रुद्रप्रयाग में 821, टिहरी में 1969, ऊधमसिंह नगर में 3570 और उत्तरकाशी में 976 सुपरवाइजर व प्रगणक लगाए जाएंगे।

इसके अलावा नगर निगम क्षेत्रों में भी कर्मियों की तैनाती की गई है। नगर निगम अल्मोड़ा में 84, देहरादून में 2466, ऋषिकेश में 268, कोटद्वार में 441, श्रीनगर में 91, हरिद्वार में 577, रुड़की में 455, हल्द्वानी में 1009, पिथौरागढ़ में 203, काशीपुर में 445 और रुद्रपुर में 401 सुपरवाइजर व प्रगणक भवन गणना में शामिल होंगे।

इस तरह पूरे प्रदेश में कुल 30,839 सुपरवाइजर और प्रगणक जनगणना प्रक्रिया में भाग लेंगे। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल मैपिंग और जियो टैगिंग के उपयोग से इस बार जनगणना का कार्य अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संपन्न होगा।

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