वसंत पंचमी पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब, गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं व देव डोलियों ने किया पावन स्नान

हरिद्वार।
वसंत पंचमी के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के सुबह से ही हरकी पैड़ी समेत विभिन्न घाटों पर स्नानार्थियों का तांता लगा रहा। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान-दान किया और पुण्य अर्जित किया।

गंगा स्नान पर्व के दौरान कई क्षेत्रों से श्रद्धालु पारंपरिक देव डोलियां लेकर घाटों पर पहुंचे। विधि-विधान के साथ देव डोलियों का भी गंगा स्नान कराया गया। घाटों पर जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए।

वसंत पंचमी पर कर्णछेदन की परंपरा

हिंदू धर्म में कर्णछेदन को प्रमुख संस्कार माना गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वसंत पंचमी का दिन कर्णछेदन के लिए विशेष रूप से शुभ होता है। इस दिन सूर्य उत्तरायण में होते हैं, जिसे देवताओं का काल कहा जाता है। मान्यता है कि उत्तरायण में किए गए संस्कार शुभ और दीर्घकालीन फल प्रदान करते हैं।

पंडितों के अनुसार वसंत पंचमी माता सरस्वती को समर्पित दिन है। इस तिथि पर विद्या आरंभ और कर्णछेदन कराने से बालक की बुद्धि, विद्या और वाणी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वसंत पंचमी स्वयं सिद्ध मुहूर्त मानी जाती है, इसलिए इस दिन अलग से शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। इसी कारण बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों का कर्णछेदन इसी दिन कराते हैं।

सोने की जगह चांदी को मिल रही प्राथमिकता

ज्वेलर्स के अनुसार बीते कुछ वर्षों में वसंत पंचमी पर कर्णछेदन कराने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है। सोने के दाम बढ़ने के कारण अब अधिकतर लोग चांदी के कुंडल या तार को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजारों में भी वसंत पंचमी के अवसर पर खासा उत्साह देखने को मिला।

कुल मिलाकर, वसंत पंचमी पर हरिद्वार में गंगा स्नान और कर्णछेदन संस्कार ने श्रद्धा, परंपरा और आस्था का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *