देहरादून। उत्तराखंड में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्यभर में सभी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य और निर्बाध रूप से जारी है। कंपनियों ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अनावश्यक रूप से ईंधन का संग्रह न करने की अपील की है।
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रदेश में पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) और एलपीजी सहित सभी आवश्यक पेट्रोलियम उत्पाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। राज्य के विभिन्न डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंपों तक ईंधन आपूर्ति शृंखला पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित हो रही है।
तेल कंपनियों के अनुसार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में ईंधन स्टॉक की लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार पुनःपूर्ति का कार्य भी नियमित रूप से जारी है। किसी भी जिले या क्षेत्र में ईंधन की कमी जैसी स्थिति नहीं है।
कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्यभर में रसोई गैस की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और उपभोक्ताओं तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
आईओसीएल उत्तराखंड के राज्य स्तरीय समन्वयक कृष्ण कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराकर अतिरिक्त ईंधन खरीदने या संग्रह करने से बचें। साथ ही उन्होंने कहा कि ईंधन उपलब्धता से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल तेल विपणन कंपनियों के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।