कश्मीर में उत्तराखंड STF का बड़ा एक्शन: साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर क्राइम टीम ने देशभर में सक्रिय एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर (बडगाम) से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में की गई। गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ ने पुलिस टीम को घेरकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन एसटीएफ ने संयम और रणनीति से काम लेते हुए ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शौकत हुसैन मलिक और बिलाल अहमद के रूप में हुई है। दोनों आरोपी फर्जी बैंक खातों, मोबाइल सिम और एटीएम कार्ड के जरिए देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। जांच में सामने आया है कि इन खातों से जुड़े मामलों में उत्तराखंड सहित देश के सात राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।

संवेदनशील इलाके में चलाया गया ऑपरेशन

एसटीएफ टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के बडगाम क्षेत्र में ऑपरेशन चलाया। यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है और यहां पहले भी ग्रेनेड हमलों की घटनाएं हो चुकी हैं।

गिरफ्तारी के समय स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई, जब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए और पुलिस टीम पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगे। इसके बावजूद एसटीएफ टीम ने धैर्य और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लिया और अदालत में पेश कर रिमांड भी हासिल किया।

‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 65 लाख की ठगी

यह मामला देहरादून के एक 71 वर्षीय बुजुर्ग से जुड़ा है, जिन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगी का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने खुद को टेलीकॉम विभाग, दिल्ली पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से बुजुर्ग को फर्जी वारंट दिखाया और उन्हें डरा-धमकाकर करीब 65 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए चल रहा था गिरोह

जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा के विश्लेषण से इस संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी फर्जी दस्तावेजों और व्हाट्सएप प्रोफाइल का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और ठगी की रकम को कई खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड और आधार-पैन कार्ड समेत महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में इन खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।

एसटीएफ अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और पूरे साइबर ठगी नेटवर्क को खंगालने के लिए आगे की जांच जारी है।

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