नैनीताल। जिले के मंगोली और बजून क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकानों के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार को यह आंदोलन छठे दिन में प्रवेश कर गया। महिलाओं का अनशन लगातार जारी है और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके समर्थन में आंदोलन स्थल पर जुट रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन की ओर से शराब की दुकानों को हटाने का लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और अनशन समाप्त नहीं होगा।
शुक्रवार को बजून में अधौड़ा की ग्राम प्रधान प्रेमा मेहरा और मंगोली में खमारी की हेमलता ध्यानी के साथ अब जलाल गांव के ग्राम प्रधान खुशाल भी अनशन पर बैठ गए हैं। आंदोलन को समर्थन देने के लिए क्षेत्र के ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट भी मौके पर पहुंचे और महिलाओं के संघर्ष को समर्थन देते हुए उनकी मांगों को जायज बताया।
ग्रामीणों और महिलाओं का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्र के बीच शराब की दुकान खोले जाने से सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका मानना है कि इसका सबसे अधिक असर युवाओं और आने वाली पीढ़ी पर पड़ेगा, जिससे क्षेत्र में नशे की समस्या बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि इस आंदोलन की शुरुआत पिछले रविवार को मंगोली में विरोध प्रदर्शन के साथ हुई थी। शुरुआत में महिलाओं ने नारों और पोस्टरों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया। इसके बाद आंदोलन ने तेजी पकड़ ली और बजून क्षेत्र में ग्रामीणों ने सड़क पर धरना भी दिया।
इस दौरान ग्रामीणों ने कुमाऊं आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर शराब की दुकान न खोलने की मांग की थी। साथ ही सांसद अजय भट्ट की ओर से भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर क्षेत्र में शराब की दुकान न खोलने की मांग की गई थी। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से स्पष्ट आश्वासन न मिलने पर ग्रामीणों ने चक्का जाम कर नाराजगी जताई।
आंदोलन के पांचवें दिन यानी बृहस्पतिवार से महिलाओं ने आमरण अनशन शुरू कर दिया, जो शुक्रवार को भी जारी रहा। महिलाओं ने पोस्टर और स्लोगन के जरिए अपना विरोध दर्ज कराते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में प्रेमा मेहरा, कीर्ति आर्या, नीमा कनवाल, चंद्रकला, पुष्पा कनवाल, हेमलता ध्यानी, खुशाल, गौरव गोस्वामी, जीवन सिंह नेगी, दर्शन कनवाल समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।