देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम होने जा रहा है। राज्य के कई प्रमुख नेता आज कांग्रेस पार्टी में शामिल होंगे। तीन पूर्व विधायकों समेत कुल छह नेता नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी में औपचारिक रूप से कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक रुद्रपुर से पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, सितारगंज से पूर्व विधायक नारायण पाल और टिहरी जिले की घनसाली सीट से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। इनके साथ ही वर्ष 2019 में नगर निगम रुड़की से निर्दलीय मेयर चुने गए गौरव गोयल भी कांग्रेस का दामन थामेंगे।
बताया जा रहा है कि राजकुमार ठुकराल वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में रुद्रपुर सीट से टिकट न मिलने के कारण भाजपा से नाराज हो गए थे। इसके बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब वह कांग्रेस में शामिल होकर अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने जा रहे हैं।
वहीं सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल का राजनीतिक सफर भी कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने पहले बहुजन समाज पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य किया और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। हालांकि 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज होकर उन्होंने कांग्रेस भी छोड़ दी थी। अब एक बार फिर वह कांग्रेस में वापसी करने जा रहे हैं।
टिहरी जिले की घनसाली सीट से पूर्व विधायक रहे भीमलाल आर्य भी कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। इनके अलावा भीमताल क्षेत्र से लाखन नेगी और मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता भी आज कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं।
गौरतलब है कि गौरव गोयल वर्ष 2019 में रुड़की नगर निगम के मेयर पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर सुर्खियों में आए थे। बाद में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, लेकिन कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इन सभी नेताओं को नई दिल्ली में एआईसीसी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी मौजूद रहेंगे, जो इसके लिए दिल्ली रवाना हो चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं और आने वाले चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो सकती है।