टांडा जंगल में हाथियों का हमला: स्कूटी से घर लौट रहे जीजा-साले को कुचलकर मार डाला
रुद्रपुर/हल्द्वानी। उत्तराखंड के टांडा जंगल क्षेत्र में हाथियों के झुंड के हमले में जीजा-साले की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों देर रात फेरी लगाकर बिजली से चलने वाली स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में हाथियों के झुंड से उनकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद हाथियों ने दोनों को पैरों से कुचल दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान जाफिर और शकील के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के निवासी थे। जाफिर रुद्रपुर में रहकर काम करता था, जबकि शकील हल्द्वानी में रहता था। रोज की तरह दोनों फेरी का काम खत्म कर देर रात घर लौट रहे थे।
स्कूटी टकराते ही आक्रामक हुआ हाथियों का झुंड
बताया जा रहा है कि टांडा जंगल से गुजरते समय उनकी स्कूटी अचानक हाथियों के झुंड के करीब पहुंच गई और टक्कर हो गई। टक्कर के बाद स्कूटी सड़क पर गिर गई। झुंड में हाथियों के बच्चे भी मौजूद थे, जिसके कारण हाथी अधिक आक्रामक हो गए और उन्होंने दोनों पर हमला कर दिया।
घटना के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल अवस्था में जंगल क्षेत्र में पड़े मिले। जाफिर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शकील को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
हमले में गंभीर चोटें, पसलियां टूटीं
हाथियों के हमले में जाफिर की पसलियां टूट गई थीं। वहीं शकील के दोनों कानों से खून बह रहा था और उसके सीने पर हाथी का पैर पड़ने से शरीर का बायां हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। उसका चेहरा सूज गया था और बाईं आंख को भी गंभीर चोट पहुंची थी।
वन विभाग ने शुरू की जांच, लोगों में दहशत
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों के झुंड में बच्चे होने के कारण वे ज्यादा संवेदनशील और आक्रामक हो गए थे।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग से जंगल क्षेत्रों में हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है। घटना के बाद आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ है। वन विभाग ने लोगों से रात के समय जंगल मार्गों से गुजरने में सावधानी बरतने की अपील की है।