चमोली/ज्योतिर्मठ। नगर क्षेत्र ज्योतिर्मठ में नगर पालिका के भवन में नमाज पढ़े जाने को लेकर उत्पन्न विवाद का प्रशासन ने समाधान कर लिया है। नगर पालिका बोर्ड की आपात बैठक के बाद संबंधित भवन पर ताला लगाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही मुस्लिम समुदाय ने सहमति जताई है कि आगे से नमाज अपने-अपने घरों में ही अदा की जाएगी।
बृहस्पतिवार को नगर पालिका के भवन में मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से शिकायत की। मामला बढ़ता देख नगर पालिका ने उसी दिन देर शाम बोर्ड बैठक आयोजित की। बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि भवन के उपयोग के लिए विधिवत लिखित अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद सर्वसम्मति से भवन को तत्काल बंद करने और उस पर ताला लगाने का फैसला किया गया।
प्रशासन ने बताया—शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम
एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच की गई। नगर पालिका से हॉल के लिए विधिवत अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए उस स्थान को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने अपने घरों में नमाज अदा करने पर सहमति दी है और नगर क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है। किसी भी प्रकार से माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर प्रशासन की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
बाहर से आए लोगों के शत-प्रतिशत सत्यापन के निर्देश
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ज्योतिर्मठ थाने को निर्देश दिए हैं कि नगर क्षेत्र में रह रहे बाहर से आए लोगों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए। यदि किसी एजेंसी या संस्था के कर्मचारी बिना सत्यापन के पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की मौजूदगी में घरों पर अदा हुई जुमे की नमाज
नगर पालिका भवन में नमाज पढ़ने के विवाद के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज निजी आवासों में अदा की गई। इस दौरान एहतियातन पुलिस बल भी तैनात रहा। स्थानीय निवासी इफ्तेखार मलिक ने बताया कि वे पिछले 35 वर्षों से यहां रह रहे हैं। पूर्व में भी रमजान के दौरान नगर पालिका भवन में नमाज पढ़ी जाती रही है और तब अनुमति ली जाती थी। इस बार लिखित अनुमति न होने के कारण विवाद की स्थिति बनी।
वहीं सलीम राजा ने कहा कि उनके पूर्वज कई वर्षों से ज्योतिर्मठ में रह रहे हैं और कभी कोई समस्या नहीं आई। उन्होंने कहा कि इस घटना से आपसी भाईचारे पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी समुदायों के सहयोग से स्थिति सामान्य रखी जाएगी।