धर्मनगरी हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ मेला नियंत्रण एवं कमांड सेंटर (सीसीआर भवन) पहुंचकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की और मेले से संबंधित विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ मेला 2027 के आयोजन को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला उत्तराखंड की आस्था, परंपरा और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी तैयारियों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 34 स्थायी प्रकृति के विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं पर कुल 234.55 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन कार्यों का उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और हरिद्वार के बुनियादी ढांचे को स्थायी रूप से मजबूत करना है।
परियोजनाओं का विस्तृत विवरण
🔹 घाट निर्माण एवं सिंचाई अवसंरचना
- कुल 07 कार्य
- लागत: ₹70.54 करोड़
🔹 सड़क एवं परिवहन अवसंरचना
- कुल 12 कार्य
- लागत: ₹127.23 करोड़
🔹 पेयजल एवं जल आपूर्ति अवसंरचना
- कुल 09 कार्य
- लागत: ₹18.11 करोड़
🔹 श्रद्धालु सुविधाएं एवं सहायक अवसंरचना
- कुल 06 कार्य
- लागत: ₹18.67 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी कार्यों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए पूरा किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि कुंभ मेला 2027 का आयोजन देश और दुनिया के लिए एक आदर्श उदाहरण बन सके।