देहरादून।
उत्तराखंड में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर महिला कांग्रेस ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने घोषणा की है कि महिला कांग्रेस वर्तमान महिला विधायकों के साथ-साथ कम से कम 10 विधानसभा सीटों पर टिकट की दावेदारी करेगी। संगठन का फोकस महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूती से आगे बढ़ाने पर रहेगा।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में ज्योति रौतेला ने कहा कि राजनीति में महिलाओं के सामने पुरुषों की तुलना में अधिक चुनौतियां होती हैं। महिलाओं को सामाजिक अपेक्षाओं, पारिवारिक जिम्मेदारियों और राजनीतिक सक्रियता—तीनों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है, जो उनकी राह को कठिन बनाता है।
राजनीति में महिलाओं की चुनौतियां
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि महिलाओं के लिए समय की पाबंदी और सामाजिक दायरे बड़ी बाधा हैं। देर रात तक राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर महिलाओं से सवाल किए जाते हैं, जबकि पुरुष नेताओं के लिए यह सामान्य बात मानी जाती है। घर, परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी के साथ राजनीति में सक्रिय रहना महिलाओं के लिए अतिरिक्त संघर्ष बन जाता है।
महिला प्रत्याशियों की तैयारी पर जोर
ज्योति रौतेला ने कहा कि संगठन की महिलाओं से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो महिलाएं चुनाव लड़ना चाहती हैं, वे अभी से तैयारी शुरू करें। जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और अन्य निर्वाचित पदों पर रह चुकी महिलाओं को आगे आकर विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने माना कि आर्थिक निर्भरता भी कई महिलाओं के लिए बाधा बनती है, लेकिन महिला कांग्रेस इस चुनौती को पार करने के लिए पूरी ताकत से महिलाओं के साथ खड़ी रहेगी।
धर्मपुर विधानसभा से दावेदारी
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं धर्मपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की है। उनका कहना है कि महिला नेतृत्व को आगे लाए बिना राजनीति में वास्तविक बदलाव संभव नहीं है।
पहाड़ों में कांग्रेस की स्थिति पर बयान
पहाड़ी क्षेत्रों में कांग्रेस की स्थिति पर बोलते हुए रौतेला ने कहा कि कांग्रेस लगातार महिलाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठा रही है। उनके अनुसार, पहाड़ों में कांग्रेस और भाजपा के बीच वोट प्रतिशत का अंतर बहुत कम है। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने हिंदू-मुस्लिम के नाम पर एक नैरेटिव खड़ा कर चुनावी लाभ लिया, जिससे बेहद कम अंतर से परिणाम प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लंबे समय से सत्ता परिवर्तन की परंपरा रही है, लेकिन 2022 में भाजपा दूसरी बार सत्ता में आई। अब पहाड़ से लेकर मैदान तक जनता भाजपा से असंतुष्ट है और 2027 में कांग्रेस के सत्ता में लौटने की संभावनाएं मजबूत हैं।
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर रुख
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर ज्योति रौतेला ने कहा कि यह किसी दल का राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय से जुड़ा गंभीर मामला है। चार साल बीत जाने के बाद भी वीआईपी का नाम सार्वजनिक न होना चिंताजनक है। उन्होंने दोहराया कि पीड़िता को न्याय मिलने तक महिला कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।