उत्तराखंड के कोटद्वार से जुड़े घटनाक्रम को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मोहम्मद दीपक के समर्थन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी देवभूमि की शांत फिजा को बिगाड़ने का प्रयास है।
भाजपा ने कोटद्वार के घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं की भूमिका सवालों के घेरे में है। महेंद्र भट्ट ने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने मामले को राजनीतिक लाभ के लिए तूल देने की कोशिश की, जिससे सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था के मामलों में राज्य सरकार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेगी। सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और इस प्रकरण में भी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।
महेंद्र भट्ट ने राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए आशंका जताई कि कहीं यह पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित तो नहीं था। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार राजनीति का तकाजा यह था कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपने युवा नेता के आचरण पर गंभीर रुख अपनाते और जांच में सहयोग की अपील करते।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति पर सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा के इस्तेमाल और मारपीट के आरोप लगे हैं, उसे धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी पराजय से निराश कांग्रेस वर्ष 2027 में सत्ता में वापसी के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार दिख रही है।
भट्ट ने दो टूक कहा कि उत्तराखंड की शांति, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सरकार कानून के दायरे में रहकर सख्त कार्रवाई करती रहेगी।