Union Budget 2026: उत्तराखंड को टूरिज्म और मेडिकल टूरिज्म से लाभ
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। इस बजट में उत्तराखंड को पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से रखी गई कई अन्य अहम मांगों को बजट में शामिल नहीं किया गया।
प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के समक्ष उत्तराखंड की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों, पारिस्थितिक संवेदनशीलता और राज्य द्वारा देश को प्रदान की जा रही महत्वपूर्ण इको-सिस्टम सेवाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष पैकेज और सहायता की मांग की थी, लेकिन केंद्रीय बजट में मुख्य रूप से पर्यटन से जुड़े प्रावधानों पर ही जोर दिया गया।
इको-फ्रेंडली माउंटेन ट्रेल्स का ऐलान
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में इकोलॉजिकली सस्टेनेबल माउंटेन ट्रेल्स विकसित किए जाएंगे। इससे उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और विशेष रूप से माउंटेन बाइकिंग व ट्रैकिंग जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे।
मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा प्रोत्साहन
बजट में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए देशभर में पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब विकसित करने की घोषणा की गई है। इन हब्स में निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी और आधुनिक हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स तैयार किए जाएंगे।
इन केंद्रों में आयुष सुविधाएं, डायग्नोस्टिक सेवाएं, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन सेंटर शामिल होंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
योग और आयुर्वेद पर फोकस
सरकार ने प्राचीन योग और आयुर्वेदिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने की घोषणा की है। उत्तराखंड को इसका लाभ मिल सकता है, क्योंकि राज्य सरकार पहले से ही एक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के प्रस्ताव पर काम कर रही है।
अन्य क्षेत्रों में निराशा
केंद्रीय बजट से उत्तराखंड को आगामी महाकुंभ को देखते हुए अवस्थापना विकास, जल विद्युत परियोजनाओं के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) योजना और छोटे उद्योगों के लिए विशेष पैकेज की उम्मीद थी, लेकिन इन मुद्दों पर बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई।
कुल मिलाकर
केंद्रीय बजट 2026 उत्तराखंड के लिए पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म के लिहाज से सकारात्मक रहा, लेकिन राज्य की कई दीर्घकालिक विकास संबंधी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं।