कीमती धातुओं के बाजार में रिकॉर्ड तेजी के तुरंत बाद तेज गिरावट दर्ज की गई है। ताजा कारोबारी सत्र में सोना और चांदी दोनों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे वायदा और सर्राफा बाजार में हड़कंप मच गया। विशेषज्ञ इस गिरावट को आक्रामक मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी से जोड़ रहे हैं।
वायदा बाजार में जोरदार गिरावट
Multi Commodity Exchange (एमसीएक्स) पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी में एक ही दिन में करीब 84,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई। तेज टूट के बाद चांदी का भाव फिसलकर लगभग 3.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया। गिरावट प्रतिशत के लिहाज से भी दो अंकों में रही।
सोने के वायदा भाव में भी बड़ी कमजोरी दिखी। फरवरी डिलीवरी वाला सोना करीब 15,000 रुपये टूटकर लगभग 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया।
सर्राफा बाजार में भी नरमी
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत करीब 20,000 रुपये प्रति किलोग्राम घट गई और भाव लगभग 3.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। इससे पहले चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
सोना भी दबाव में रहा। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना करीब 14,000 रुपये गिरकर लगभग 1.69 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एक दिन पहले ही सोने ने नया उच्च स्तर बनाया था।
अंतरराष्ट्रीय रुझान का असर
ग्लोबल मार्केट में भी सोना-चांदी के दाम कमजोर रहे। स्पॉट सिल्वर में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसका असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ा। डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बुलियन पर दबाव बढ़ा।
गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार जानकारों के मुताबिक गिरावट के पीछे ये मुख्य वजहें रहीं—
- लगातार तेजी के बाद बड़े निवेशकों की मुनाफावसूली
- सुरक्षित निवेश की मांग में कमी
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती
- ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका
- तकनीकी चार्ट पर ओवरबॉट स्थिति के बाद करेक्शन
विशेषज्ञों का कहना है कि आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को चरणबद्ध और सावधानी भरी रणनीति अपनानी चाहिए।