देहरादून। उत्तराखंड परिवहन विभाग के प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी में जल्द ही बड़ा बदलाव होने जा रहा है। इसके लिए विभाग ने उत्तराखंड मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2025 का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें वर्दी, पदनाम और रैंक के अनुसार यूनिफॉर्म के नियम तय किए गए हैं।
परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत ने बताया कि ड्राफ्ट पर 15 जनवरी तक सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। नए नियम लागू होने के बाद आरटीओ और उनके अधीनस्थ अधिकारी अलग पहचान वाली वर्दी में नजर आएंगे।
वर्दी का नया स्वरूप
ड्राफ्ट के अनुसार, प्रवर्तन कर्मियों की वर्दी पुलिस पैटर्न की होगी। इसमें खाकी शर्ट और पैंट अनिवार्य होंगे। टोपी (कैप) पर उत्तराखंड परिवहन का मोनोग्राम अंकित रहेगा।
कंधे पर बैज, शोल्डर स्ट्रैप और रैंक चिह्न (स्टार और वी-शेप स्ट्रैप) होंगे। क्रॉस बेल्ट, जूते और मौजे पद के अनुसार काले या भूरे रंग के होंगे। सभी कर्मियों के लिए नाम पट्टिका अनिवार्य होगी। वरिष्ठ अधिकारियों के लिए पीली धातु के स्टार, अशोक चिह्न और विशेष बैज का प्रावधान रहेगा।
पदनामों में बदलाव
संशोधन के तहत विभागीय पदनाम भी बदले जाएंगे:
- सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) को संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) किया जाएगा।
- प्रवर्तन पर्यवेक्षक का नया पदनाम ट्रांसपोर्ट असिस्टेंट इंस्पेक्टर होगा।
- प्रवर्तन सिपाही को अब परिवहन सिपाही कहा जाएगा।
- नए पद ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर को भी नियमावली में शामिल किया गया है।
मौसम अनुसार वर्दी
गर्मियों में हल्की खाकी वर्दी होगी, जबकि सर्दियों में फुल स्लीव एंगोला शर्ट, ऊनी मौजे और खाकी जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। टोपी, सीटी, बैज, क्रॉस बेल्ट और नाम पट्टिका दोनों मौसमों में समान रहेंगे।
परिवहन विभाग का कहना है कि इस बदलाव से प्रवर्तन कर्मियों की पहचान स्पष्ट होगी और रैंक के अनुसार अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा और नियमों के प्रभावी पालन को भी मजबूत करना है।