देहरादून।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में एक बार फिर सियासी माहौल गर्म हो गया है। मामले में वीआईपी के नाम सामने आने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में पहले साक्ष्यों को नष्ट किया गया और अब वही सरकार सबूत मांगने की बात कर रही है।
राजधानी देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता शुरू से ही इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद सरकार इस पर कोई ठोस फैसला नहीं ले पाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो फिर सीबीआई जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अंकिता की हत्या के बाद सरकार ने सबूतों को नष्ट करने का काम किया और अब हत्याकांड से जुड़े साक्ष्य मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रकरण को संदिग्ध बनाता है और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
इससे पहले ‘अंकिता भंडारी को न्याय दो’ पदयात्रा मंगलवार को चमोली जिले के गोपेश्वर नगर पहुंची। यहां गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने करीब एक किलोमीटर तक रैली निकाली। इस रैली में जनपद के तीनों विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
गणेश गोदियाल ने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस की यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने इसे जनता की मांग बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अपने नेताओं और प्रभावशाली लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच का निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।