अंकिता हत्याकांड: उर्मिला के पुराने सोशल मीडिया वीडियो और मामलों की जांच के आदेश, ब्लैकमेलिंग व AI दुरुपयोग के आरोपों पर दून पुलिस की सख्ती

देहरादून।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की आड़ में लगाए जा रहे आरोपों को लेकर दून पुलिस ने जांच और तेज कर दी है। खुद को पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, अश्लीलता फैलाने, सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कथित आपराधिक इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने हर पहलू की गहन जांच शुरू कर दी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने जांच अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उर्मिला के सभी पुराने सोशल मीडिया वीडियो, पोस्ट और डिजिटल गतिविधियों की विस्तार से पड़ताल की जाए। इसके साथ ही उनके खिलाफ पहले से दर्ज मुकदमों और शिकायतों का पूरा रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस संवेदनशील मामले की आड़ में कानून का दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो और वीडियो के जरिए आम लोगों को गुमराह करने और भड़काने के आरोप भी सामने आए हैं। साथ ही ब्लैकमेलिंग और फर्जी अथवा अश्लील कंटेंट के प्रसार की आशंका को देखते हुए तकनीकी जांच को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस इस मामले में सहारनपुर पुलिस से भी संपर्क साध रही है। सहारनपुर में पूर्व जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़ द्वारा उर्मिला के खिलाफ पहले से एक मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, आरती गौड़ ने बुधवार को नेहरू कॉलोनी थाने में एक और मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि पुराने मुकदमे की रंजिश में उर्मिला उनके खिलाफ लगातार आपत्तिजनक और भ्रामक वीडियो बना रही हैं।

आरती गौड़ ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी जा रही है। इसके अलावा मानसिक उत्पीड़न कर आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रयास किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने इन सभी आरोपों को गंभीर मानते हुए जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

एफएसएल भेजे जाएंगे वायरल ऑडियो-वीडियो
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो और वीडियो के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इन सभी डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि ऑडियो-वीडियो में किसी तरह की छेड़छाड़, एडिटिंग या AI तकनीक का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।

नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। सभी ऑडियो और वीडियो की तकनीकी जांच कराई जाएगी और संबंधित पक्षों से पूछताछ के बाद आगे की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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