Uttarakhand News: रंजन मिश्रा को मिली वन विभाग की कमान, वरिष्ठता नियम पहली बार बदला
उत्तराखंड सरकार ने पीसीसीएफ (वन्यजीव) रंजन मिश्रा को नया प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) नियुक्त कर वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। शासन ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। मिश्रा 1993 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी हैं और लंबे समय से राज्य के वन्यजीव प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वरिष्ठता को दरकिनार कर मिश्रा की नियुक्ति
राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब विभाग के वरिष्ठतम अधिकारी को हॉफ की जिम्मेदारी नहीं दी गई। 1992 बैच के आईएफएस और पीसीसीएफ (प्रशासन) बीपी गुप्ता वरिष्ठता क्रम में शीर्ष पर थे, लेकिन शासन ने 1993 बैच के रंजन मिश्रा को वन विभाग का मुखिया बनाने का निर्णय लिया।
डीपीसी में हुई थी हॉफ पद के लिए चर्चा
प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा के 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद, 25 नवंबर को डीपीसी (Departmental Promotion Committee) की बैठक हुई थी। इस बैठक में दो वरिष्ठ अधिकारियों—
- बीपी गुप्ता (1992 बैच), और
- रंजन मिश्रा (1993 बैच)
का नाम हॉफ पद के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल था।
समीक्षा के बाद समिति ने मिश्रा को इस पद के लिए चयनित किया।
कार्यकाल भी बना बड़ा कारण
बीपी गुप्ता 31 दिसंबर 2024 को रिटायर होंगे, जबकि रंजन मिश्रा का कार्यकाल जून 2026 तक है। माना जा रहा है कि लंबी अवधि तक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए मिश्रा को हॉफ बनाया गया।
वन मंत्री ने समझाया चयन का आधार
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हॉफ की नियुक्ति के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति नाम तय करती है। समिति में—
- प्रमुख सचिव (वन),
- प्रमुख वन संरक्षक,
- और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के नामित अधिकारी
शामिल होते हैं।
इसी समिति की सिफारिश पर शासन नियुक्ति आदेश जारी करता है।